नई दिल्ली. जर्मनी ने यूरोपियन यूनियन में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव दिया है। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, यूनियन के सभी 28 देश इस मुद्दे पर जर्मनी का समर्थन कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो पुलवामा हमले के जिम्मेदार आतंकी मसूद की संपत्तियां जब्त करने, उसकी यात्राओं और फंडिंग पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा।
मसूद को लेकर फ्रांस ले चुका है फैसला
यूएनएससी में चीन के अड़ंगा लगाने के दो दिन बाद 15 मार्च को फ्रांस ने कहा था कि मसूद आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। इस दौरान फ्रांस सरकार ने अपने देश में मौजूद मसूद की संपत्तियां जब्त करने का फैसला लिया था।
पिछले दिनों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मसूद के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन चीन ने इसमें टेक्निकल होल्ड लगाकर चौथी बार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचा लिया था। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 14 ने मसूद पर कार्रवाई का समर्थन किया था।
चीन ने कहा- आतंकवाद से लड़ाई में पाक का साथ देते रहेंगे
दूसरी ओर, पुलवामा हमले और बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी मंगलवार को चीन की यात्रा पर अपने समकक्ष वांग यी से मिले। उनकी यात्रा का मकसद भारत के साथ जारी तनाव की जानकारियां चीन से साझा करना और यूएनएससी में मसूद को बचाने का आभार जताना भी हो सकता है।
चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया को देखना चाहिए कि पाकिस्तान आतंकियों से पीड़ित रहा है और उससे लड़ भी रहा है। चीन पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीयता का सम्मान बनाए रखने का प्रयास करता रहेगा। आतंकवाद से लड़ाई में हम पाकिस्तान के साथ हैं और उसे हर संभव मदद देते रहेंगे।
जैश ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी
मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर जैश के आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। इस दौरान करीब 350 आतंकी मारे जाने का दावा किया गया था।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि एक से अधिक आवेदन आते हैं तो इसका फैसला लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। किसी भी उम्मीदवार को लगातार तीन दिन से ज्यादा हेलीकॉप्टर सर्विस नहीं दी जाएगी।
तेलंग ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नफरत भरे भाषण, अपमानजनक बातें, टिप्पणी, रिपोर्ट, फोटोग्राफ आदि से परहेज करें। यह बात सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ आम लोगों पर भी लागू होगी।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या समूह इन बातों को नजरअंदाज करता है तो उसे मानहानि (धारा 500), इरादतन अवमानना (धारा 504) और सार्वजनिक उत्पात (धारा 505) का आरोपी माना जाएगा। ऐसे में आरोपी को दो, तीन और पांच साल की जेल के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है।
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंशवादी राजनीति के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोला है। मोदी ने बुधवार को ब्लॉग पोस्ट के जरिए कहा कि देश में जब-जब वंशवादी राजनीति हावी हुई तब-तब प्रेस से लेकर संविधान तक पर असर पड़ा है। 2014 में गैर-वंशवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ।
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